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Wednesday, 28 February 2018

होली

Anurodh keshari
Happy holi by Mansi keshri

मेरा देश हुआ सतरंगी
मेरा देश हुआ अतरंगी
सात रंग उड़ते दिखे हैं
कहीं दिखें हैं संगी |

मेरा देश हुआ.....

रंग बिरंगे मुख दिखे
मन में कुछ अरमान सजे हैं
सस्ते से त्योहार में
बस खुशी दिखे और रंगी|

मेरा देश हुआ.....

जात-पात का भेद मिटे है
अब तो रंग भेद भी मिटे है
न कोई बनिया, न कोई पंडित
न पता चले अब भंगी|

मेरा देश हुआ.....

पकवानो की सेज सजी है
हुरयारो की हुडदंगी मची है
देवर आगे भाभी चली
जीजा आगे साली रंगी|

मेरा देश हुआ.....

(अनु)

Saturday, 2 December 2017

शायरी.....

Anurodh keshari
मेरी हर बात सबको बताती है
ये शायरी अजीब है
चुप रह कर भी
बहुत कुछ कह जाती है |
(अनु)
मेरी कलम से 
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Thursday, 9 November 2017

मौसम

Anurodh keshari
मौसम का फितूर देख
चढा एक फितूर हम पर भी
न चाहते हुए आ गए हम भी
धुंध को देख न माना दिल
मौसम का मजा लेने, आ गए हम भी |

(अनु) 

Sunday, 5 November 2017

मुहब्बत

Anurodh keshari


मुहब्बत लिखता हूँ,  पर की नहीं मुहब्बत
मैने कभी
मुहब्बत पढता हूँ, पर जी नहीं मुहब्बत
मैने कभी
मिलते हैं हंसो के जोड़े राहों में
कोई बताऐ यही होती है मुहब्बत
क्योंकि की नहीं मुहब्बत
मैने अभी|
(अनु)

Tuesday, 17 October 2017

आवाहन दीपों का

Anurodh keshari
रे बाती दिया, तू आजा
वो चाँद चला गया है
अब तू आजा
तम अमावस का फैल रहा
रौशन घर को करने आजा
संग मेरे दिवाली मनाने आजा
रे बाती दिया, अब तू आजा
घर गेंदे से मैने सजाया
मिठाइयों की थाल को लगाया
लेकिन, अंधेरे में सब आधा
ये अंधेरा तू मिटाने आजा
रे बाती दिया, अब तू आजा|
आजा हम दीपमलिका बनाऐंगे
दीपावली संग मनायेंगे
हास, उमंग हृदय में भर-भर
उस चाँद को चिढायेंगे
बात मेरी सुन तू आजा
रे बाती दिया, अब तू आजा|
मैं पैसों की खनन सुनता हुँ,
लक्ष्मी की पगधुन सुनता हूँ,
स्वागत लक्ष्मी का करने आजा
रे बाती दिया, अब तू आजा|
(अनु)

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