नोट की चोट

माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी को समर्पित
"वोट की चोट देखी थी
नोट की देखता हूँ
वाह रे राष्ट्र् भक्त
तेरी चाल अलग देखता हूँ।
दुआ बददुआ लेते
तेरी थाल अलग देखता हूँ
ओ मेरे राष्ट्र् भक्त
तेरी चाल अलग देखता हूँ।
बैठे हुए थे जो ठण्ड की कयास लगते
देखता उनको गले की प्यास बुझाते
शीत में मै लोगों को
बिस्तर फाड़ते देखता हूँ
वाह रे राष्ट्रभक्त
तेरी बात अलग देखता हूँ।"
                                          -अनु

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