जी हुजूर मैं अखबार डालता हूँ| शब्दों का जाल डालता हूँ , मद्धिम सी गाडी से , एक नया सवाल डालता हूँ , जी हाँ मैं बवाल डालता हूँ, जी हुजूर मैं अखबार डालता हूँ | शब्दों की गश्ती को, हर द्वार डालता हूँ, पूरी दुनिया को हवा में उछालता हूँ, हर आह को सरेराह डालता हूँ, जी हुजूर मैं अखबार डालता हूँ| राजा, रंक सब मेरे नीचे से जाते, अपनी बात आमजन तक पहुंचाते , मैं बस उनका सुलभ संप्रेषण कराता हूँ, जी मैं तो बस अखबार डालता हूँ| पहले-पहल मुझे शर्म लगी, फिर मुझे अक्ल लगी, मैं तो समाज सेवियों की सेवा करता हूँ , बिन लालच नींद अपनी कुर्बान करता हूँ , मैं उनका वोट बैंक बढाता हूँ , जी मैं तो बस अखबार डालता हूँ| (अनु)
शाम को चाय की दुकान पर जाना एक सिगरेट जलना किसी को भी चार गलियां देना वापस घर आना ऑफिस के काम के नाम पर मोबाइल चलाना खाना खाना फिर रात भर ऑफिस के काम के नाम पर मोबाइल चलाना और ठीक सुबह 4 बजे सो जाना तो ये है मेरा डेली का रूटीन "यार वो अच्छी है बीच वाली अनुरोध तेरे लिए तो वो साइड वाली सही रहेगी न तेरे कलर और हाइट से मैच कर रही है।" "ओये तुझे पता है मेरे ऑफिस मे एक नई लड़की आयी है भाई, एक दम awesome है यॉर" "अरे उसका जरूर बॉयफ्रेंड होगा तू शर्त लगा ले" "अबे तुझे पता है हमारे ऑफिस मे एक चोमू लड़का है बॉस की दुम बन के फिरता है BC हर बात बता देता है" "यार अनुरोध का अच्छा है wfh करता 2 घंटे काम करता है बस और सैलरी पूरी लेता है" "इंस्टाग्राम पर एक लड़की मिली मैने उसको मैसेज किया पता उसने तुरंत रिप्लाई भी किया अब देखियो तू कैसे उसका नंबर मांगता हूँ" "अबे तुम सब बेकार हो अनुरोध एक बात बता यार मै सोच रहा हूँ अपना youtube चैनल start कर दूँ" "अबे कुछ नहीं है youtube मे अब बहुत कम्पटीशन है" "यार कुछ बता ना जिससे अच्छी...
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